Bhulekh Khatauni 2026 : यूपी की खतौनी नकल ऑनलाइन अभी देखें

Bhulekh Khatauni 2026: उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़ा कोई भी काम हो-चाहे खरीद-फरोख्त, विरासत, बंटवारा, बैंक लोन, या सरकारी योजना का लाभ हर जगह खतौनी (अधिकार अभिलेख) की जरूरत पड़ती है। 

पहले खतौनी की नकल पाने के लिए तहसील और लेखपाल के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब यूपी भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) की मदद से यह काम ऑनलाइन, घर बैठे कर सकते हैं।

UP Bhulekh Khatauni 2026
UP Bhulekh Khatauni 2026

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध खतौनी जमीन से जुड़े अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड होती है।

खतौनी की नकल देखकर जमीन मालिकाना, खसरा नंबर, रकबा और खातेदार की सही जानकारी आसानी से जांची जा सकती है।

आगे जानिए खतौनी क्या होती है (Khatauni Kya Hoti Hai), खतौनी में कौन-कौन सी जानकारी दर्ज होती है, और UP Bhulekh पोर्टल से खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें

खतौनी क्या होती है?

खतौनी एक सरकारी भूमि रिकॉर्ड दस्तावेज है, जिसमें किसी जमीन से जुड़े निम्न विवरण दर्ज होते हैं:

  • खातेदार का नाम: भूमि स्वामी का नाम तथा उसके पिता/पति का नाम।
  • गाटा संख्या (खसरा संख्या): भूमि के संबंधित भू-खंड की पहचान संख्या।
  • भूमि का क्षेत्रफल: भूमि का कुल रकबा (जैसे—हेक्टेयर या एकड़ में)।
  • भूमि का प्रकार: भूमि की प्रकृति (जैसे—कृषि योग्य, बंजर, आबादी आदि)।
  • स्वामित्व का विवरण: भूमि किसके नाम दर्ज है तथा स्वामित्व किस प्रकार प्राप्त हुआ (जैसे—पैतृक, क्रय, दान आदि)।
  • ऋण का विवरण: भूमि पर लिए गए ऋण तथा उसके भुगतान की स्थिति का विवरण (यदि लागू हो)।
सरल शब्दों में, खतौनी यह साबित करती है कि कौन व्यक्ति किस जमीन का वास्तविक खातेदार है

खतौनी क्यों महत्वपूर्ण है?

  • स्वामित्व का प्रमाण: यह जमीन के कानूनी मालिकाना हक का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है।
  • सरकारी कार्यों में उपयोग: जमीन की खरीद-फरोख्त, नामांतरण (म्यूटेशन), वरासत (उत्तराधिकार) और बैंक से लोन लेने में खतौनी आवश्यक होती है।
  • विवाद समाधान: भूमि से जुड़े विवादों में मालिकाना हक साबित करने के लिए खतौनी अहम भूमिका निभाती है।
  • पारदर्शिता: ऑनलाइन उपलब्ध होने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगते हैं और धोखाधड़ी की संभावना घटती है।

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल पर खतौनी की नकल कैसे देखें?

(Step-by-Step प्रक्रिया)

अगर आप खतौनी की नकल ऑनलाइन देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों को ध्यान से फॉलो करें—

Step 1: यूपी भूलेख पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर से UP Bhulekh Portal –https://upbhulekh.gov.in/ पर विजिट करें।

Step 2: “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” पर क्लिक करें

होमपेज पर आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

Step 3: कैप्चा कोड भरें

अब आपकी स्क्रीन पर एक कैप्चा कोड दिखाई देगा। उसे सही-सही दर्ज करके आगे बढ़ें।

Step 4: जिला, तहसील और गांव का चयन करें

इसके बाद भूमि रिकॉर्ड देखने के लिए आपको-

  • जिला
  • तहसील
  • गांव का नाम / ग्राम कोड

का चयन करना होगा।

Step 5: जानकारी खोजने का विकल्प चुनें

अब आप निम्न में से किसी एक विकल्प के जरिए खतौनी खोज सकते हैं—

  • खसरा/गाटा नंबर से
  • खाता नंबर से
  • मालिक (खातेदार) के नाम से

अगर आप नाम से खसरा-खतौनी देखना चाहते हैं, तो “खातेदार के नाम से” विकल्प चुनें।

UP Bhulekh Khatauni steps
UP Bhulekh Khatauni steps

Step 6: खाता विवरण देखें

अब खाता संख्या का चयन करें और “उद्धरण देखें/खाता विवरण देखें” पर क्लिक करें।

Step 7: खतौनी (अप्रमाणित प्रति) देखें

इसके बाद आपके सामने चयनित गांव की गाटा संख्या वाली खतौनी खुल जाएगी, जिसे आप आसानी से देख सकते हैं।

गाटा नंबर क्या होता है?

गाटा भारतीय भूमि अभिलेखों में भू-खण्ड (Plot) को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।
यह नंबर भू-राजस्व विभाग द्वारा हर भूमि को एक अलग पहचान देने के लिए दिया जाता है।

अगर गांव की खतौनी यहां नहीं दिख रही हो तो?

कुछ ग्रामों की खतौनी इस सेक्शन में उपलब्ध नहीं होती। ऐसे सभी ग्रामों की खतौनी आप “रियल टाइम खतौनी” विकल्प के माध्यम से देख सकते हैं।

खतौनी की नकल देखने के फायदे

ऑनलाइन खतौनी देखने से नागरिकों को कई लाभ मिलते हैं-

  • तहसील या लेखपाल के चक्कर नहीं लगाने पड़ते
  • समय और पैसे की बचत
  • जमीन से जुड़े विवादों में प्रामाणिक रिकॉर्ड
  • बैंक लोन और सरकारी योजनाओं में आसानी
  • जमीन खरीदने से पहले सत्यापन संभव
  • पारदर्शिता और भ्रष्टाचार में कमी

खतौनी क्यों जरूरी होती है? (महत्व और उपयोग)

खतौनी का उपयोग कई महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है—

  • जमीन की खरीद-फरोख्त
  • विरासत या नामांतरण
  • कृषि ऋण / किसान क्रेडिट कार्ड
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं
  • भूमि विवादों में कानूनी प्रमाण

क्या ऑनलाइन खतौनी प्रमाणित होती है?

यूपी भूलेख पोर्टल पर दिखाई जाने वाली खतौनी “अप्रमाणित प्रति” होती है।
अगर आपको प्रमाणित खतौनी चाहिए, तो उसके लिए संबंधित तहसील कार्यालय में आवेदन करना होता है।

आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

  • जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन खतौनी जरूर जांचें
    नाम, गाटा नंबर और क्षेत्रफल का मिलान करें
  • किसी भी त्रुटि की स्थिति में लेखपाल या तहसील से संपर्क करें
  • केवल सरकारी पोर्टल से ही भूमि रिकॉर्ड देखें

आपको बता दें, उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल ने भूमि रिकॉर्ड प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब कोई भी नागरिक कुछ ही मिनटों में खतौनी की नकल ऑनलाइन देख सकता है। यह सुविधा न सिर्फ समय बचाती है, बल्कि जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और विवादों को भी कम करती है।

अगर आप यूपी भूमि रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी, भू-नक्शा और राजस्व से जुड़ी सही और सरल जानकारी चाहते हैं, तो upbhulekh.news को नियमित रूप से विजिट करें।

यूपी भूलेख खतौनी FAQs :

खतौनी क्या होती है?

खतौनी एक सरकारी भूमि अभिलेख है, जिसमें जमीन के मालिक (खातेदार), खाता संख्या, गाटा नंबर और भूमि से जुड़े अधिकार दर्ज होते हैं।

यूपी भूलेख पोर्टल से खतौनी कैसे देखें?

upbhulekh.gov.in वेबसाइट पर जाकर “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” विकल्प चुनें, जिला–तहसील–गांव सेलेक्ट करें और नाम, खसरा या खाता नंबर से विवरण देखें।

क्या ऑनलाइन देखी गई खतौनी मान्य होती है?

ऑनलाइन उपलब्ध खतौनी “अप्रमाणित प्रति” होती है। कानूनी कार्यों के लिए प्रमाणित प्रति तहसील से प्राप्त करनी होती है।

गाटा नंबर क्या होता है?

गाटा नंबर भूमि के एक विशेष भू-खंड की पहचान संख्या होती है, जिसे भू-राजस्व विभाग द्वारा दिया जाता है।

नाम से खतौनी कैसे देखें?

खतौनी खोजते समय “खातेदार के नाम से” विकल्प चुनें और मालिक का नाम दर्ज करें, इसके बाद संबंधित खाता विवरण दिखाई देगा।